रास्ता
भारतीय भाषाओं के डेटा का हुनर
भाषा की सामग्री ठीक से जुटाएँ: असली सहमति, सच्ची पहुँच, लिखे हुए नियम, और साथ चलने वाला एक ब्यौरा।
- किस काम के लिए तैयार करता है
- AI का यही एक काम है जिसमें छोटे शहर का व्यक्ति दूर बैठे विशेषज्ञ से आगे होता है, क्योंकि यहाँ ज्ञान भाषा ही है। यह भाषा और आवाज़ के प्रोजेक्ट के लिए तैयार करता है।
- आप क्या सीखेंगे
- आप सीखते हैं कि भाषा की सामग्री सचमुच कैसे बनती है: किसने किस बात पर सहमति दी, कौन छूट गया, और सबने कौन-से नियम माने। फिर आप दिशानिर्देश लिखते हैं, वर्तनी और लिपि के सवाल तय करते हैं, साफ़ आवाज़ रिकॉर्ड करते हैं, और तैयार काम के साथ जाने वाला ब्यौरा लिखते हैं।
- यह क्रम क्यों
- पहले सहमति और पहुँच, क्योंकि गलत लोगों से जुटाई सामग्री बाद में ठीक नहीं होती। फिर नियम, लिपि और आवाज़। ब्यौरा सबसे आख़िर में, ऊपर की सब बातों से बनता है।
- भाषा-सामग्री में क्या-क्या चाहिए18 मिनट
- सहमति उनकी अपनी भाषा में लें18 मिनट
- देखें कि इसमें कौन छूट गया है20 मिनट
- ऐसा दिशानिर्देश लिखें जिसे बाकी मानें20 मिनट
- लिप्यंतरण के नियम तय करें20 मिनट
- मिली-जुली लिपि और वर्तनी सँभालें20 मिनट
- रखने लायक आवाज़ रिकॉर्ड करें22 मिनट
- बैच भेजने से पहले उसे जाँचें22 मिनट
- साथ जाने वाला ब्यौरा लिखें20 मिनट
- टीम के साथ संग्रह चलाएँ25 मिनट
- जुटाने वालों को नापें25 मिनट
- ब्यौरा-पत्र के साथ जारी करें25 मिनट
पाठ्यक्रम की समीक्षा: