रास्ता
भारत की भाषा और आवाज़
भाषा का स्वाभाविकपन, अर्थ, मिली-जुली भाषा, आवाज़ और स्थानीय संदर्भ जाँचें, भाषा के फर्क मिटाए बिना।
- किस काम के लिए तैयार करता है
- यह AI सिस्टम पर भाषा और आवाज़ का काम तैयार करता है: स्वाभाविकता की समीक्षा, लिप्यंतरण की जाँच और भारत की भाषाओं में बोली का मूल्यांकन।
- आप क्या सीखेंगे
- आप परखते हैं कि शब्द सही होने के साथ स्वाभाविक भी हैं या नहीं, हिन्दी-अंग्रेज़ी मिली भाषा को गलत मानने के बजाय ठीक से आँकते हैं, बोले गए और लिखने वाले के अंदाज़े को अलग करते हैं, जाँचते हैं कि रिकॉर्ड हुए व्यक्ति की सहमति थी या नहीं, और आवाज़ की गुणवत्ता को बोलने वाले से अलग रखकर आँकते हैं।
- यह क्रम क्यों
- पहले अर्थ और स्वाभाविकता, फिर बोली और लिप्यंतरण, फिर सहमति और बोली-भेद। कठिन फ़ैसले सीधे फ़ैसलों पर टिके होते हैं।
- अर्थ और स्वाभाविक भाषा जाँचें20 मिनट
- मिली-जुली भाषा और संदर्भ जाँचें18 मिनट
- अनुवाद की गलती का नाम लें22 मिनट
- आवाज़ और लिखित प्रतिलिपि जाँचें22 मिनट
- आवाज़ के डेटा में सहमति और स्रोत18 मिनट
- बोली और बोलने का ढंग बनाए रखें18 मिनट
- रिकॉर्डिंग की गुणवत्ता ईमानदारी से जाँचें20 मिनट
पाठ्यक्रम की समीक्षा: