रास्ता: भारत की भाषा और आवाज़
बोली और बोलने का ढंग बनाए रखें
बोली को उसके बोलने वालों के हिसाब से जाँचें, और असली गलती तथा मानक भाषा से फर्क — दोनों को अलग-अलग देखें।
- शुरुआती स्तर
- थोड़ी बुनियादी समझ
- समय
- 18 मिनट
- सार्वजनिक पाठ मार्गदर्शिका
- EN + हिंदी
आप यह करना सीखेंगे
बोली की खास बात और बोलने वाले की गलती अलग पहचानें, और दिशानिर्देश जिस बोली का नाम लेता है उसी से जाँचें।
यह काम क्यों ज़रूरी है
जो डेटा चुपचाप बोलियों को सुधार देता है, वह मॉडल को यह सिखाता है कि करोड़ों लोग अपनी ही भाषा गलत बोलते हैं।
तीन बातें याद रखें
- बोली की खास बात कोई गलती नहीं है जिसे मानक भाषा में बदला जाए।
- दिशानिर्देश जिस बोली का नाम लेता है, भाषा को उसी से जाँचें।
- जो खास बात दिखी उसे मिटाने के बजाय दर्ज करें।
एक उदाहरण देखें
काम
बुंदेली क्लिप में एक व्यक्ति के लिए 'हम' आता है; दिशानिर्देश बोलने वाले की अपनी बोली माँगता है।
फैसला खुद करके देखें
दोनों जवाब ऊपर वाले काम के हैं। इनमें से एक बेहतर काम करता है। कौन-सा, और क्यों?
अब खुद बनाकर देखें
अपनी अच्छी तरह जानी हुई बोली का ऐसा वाक्य लें जिसे मानक भाषा का शिक्षक गलत बताएगा। लिखें कि वह क्या कहता है, कौन उसे बोलता है, और वह गलती क्यों नहीं है।
शुरू करने का आसान तरीकाचार हिस्से: वह खास बात, उसे बोलने वाले लोग, मानक रूप, और दोनों के सही होने की वजह।
और गहराई में पढ़ें
स्रोत पढ़ना वैकल्पिक है। पूरी सीख और अभ्यास AI2Bharat के अंदर उपलब्ध है।
मूल या आधिकारिक स्रोत पढ़ें: AI4Bharat