रास्ता: भारत की भाषा और आवाज़
आवाज़ के डेटा में सहमति और स्रोत
आवाज़ इस्तेमाल करने से पहले जाँचें कि किसे रिकॉर्ड किया गया, उसे क्या बताया गया था, और वह सहमति कहीं लिखी हुई है या नहीं।
- शुरुआती स्तर
- थोड़ी बुनियादी समझ
- समय
- 18 मिनट
- सार्वजनिक पाठ मार्गदर्शिका
- EN + हिंदी
आप यह करना सीखेंगे
किसी रिकॉर्डिंग को इस्तेमाल किया जाए या नहीं, यह उसकी सहमति के रिकॉर्ड से तय करें, आवाज़ की सफ़ाई से नहीं।
यह काम क्यों ज़रूरी है
आवाज़ निजी चीज़ है, और एक बार प्रशिक्षण डेटा में चली जाए तो उसे वापस लेना कठिन है। इसलिए जाँच इस्तेमाल से पहले होती है।
तीन बातें याद रखें
- जिस सहमति में काम का नाम लिखा न हो, उस क्लिप का उपयोग नहीं।
- सबके बीच घूमना अनुमति नहीं है।
- क्लिप के साथ बोलने वाला, तारीख, काम और जमा करने वाला — चारों रखें।
एक उदाहरण देखें
तीन जगहों से जोड़कर ज़िला स्तर का भोजपुरी संग्रह बनाया जा रहा है।
फैसला खुद करके देखें
दोनों जवाब ऊपर वाले काम के हैं। इनमें से एक बेहतर काम करता है। कौन-सा, और क्यों?
अब खुद बनाकर देखें
एक ऐसी रिकॉर्डिंग का स्रोत-विवरण लिखें जो आप जमा कर सकते हैं: कौन बोलता है, उसे क्या बताया गया, कब सहमति दी, वह रिकॉर्ड कहाँ रखा है, और क्लिप कौन इस्तेमाल कर सकता है।
और गहराई में पढ़ें
स्रोत पढ़ना वैकल्पिक है। पूरी सीख और अभ्यास AI2Bharat के अंदर उपलब्ध है।
मूल या आधिकारिक स्रोत पढ़ें: BhashaDaan