सीखने के सभी रास्ते समझें देखें करें बनाएँ पाँच दर्जों वाले पैमाने पर अंक दें यह पाठ किस बारे में है ‘बिलकुल पूरा नहीं करता’ से ‘पूरी तरह पूरा करता है’ तक चलने वाला पैमाना लगाएँ, और अंक देने से पहले हर दर्जे का लंगर लिख लें।
आपकी कतार में पचास नतीजे हैं और निर्देश आपको पाँच दर्जे थमा देता है। शुरू कहाँ से करेंगे?
A लंगर यह बताता है कि जवाब में क्या-क्या है, पन्ना कैसा लगता है यह नहीं। B पहले दस पर अपनी ईमानदार समझ से अंक दे दें, फिर बाकी चालीस को उन्हीं दस के हिसाब से रखें। C सबसे ऊपर और सबसे नीचे के दर्जे का मतलब तय कर लें, बीच के तीन जैसे आएँ वैसे परख लें।
याद जाँचें यह काम क्यों ज़रूरी है ज़्यादातर रेटिंग का काम ‘हाँ या नहीं’ में नहीं, दर्जों में ख़रीदा जाता है। खोज की जाँच करने वालों के लिए छपी सार्वजनिक पुस्तिका ऐसे ही दो पैमाने चलाती है। वहाँ हर दर्जा परिभाषा से नहीं, उदाहरण से सिखाया जाता है। जिस दर्जे का लंगर लिखा नहीं है वह सिर्फ़ एक एहसास है, और एहसास दोबारा वैसा नहीं होता।
किसी उत्तर को पाँच दर्जों वाले पैमाने पर परखें, और हर दर्जे के लिए ऐसा लंगर रखें जिसे उँगली रखकर दिखाया जा सके।
ज़्यादातर रेटिंग का काम ‘हाँ या नहीं’ में नहीं, दर्जों में ख़रीदा जाता है। खोज की जाँच करने वालों के लिए छपी सार्वजनिक पुस्तिका ऐसे ही दो पैमाने चलाती है। वहाँ हर दर्जा परिभाषा से नहीं, उदाहरण से सिखाया जाता है। जिस दर्जे का लंगर लिखा नहीं है वह सिर्फ़ एक एहसास है, और एहसास दोबारा वैसा नहीं होता।
लंगर यह बताता है कि जवाब में क्या-क्या है, पन्ना कैसा लगता है यह नहीं। पहले उन दो दर्जों के लंगर लिखें जो अगल-बगल हैं; मुश्किल फ़ैसले वहीं पड़ते हैं। जिस बैच में सबसे निचला दर्जा एक बार भी न लगा हो, वहाँ पैमाना लगाया ही नहीं गया। काम एक ही खोज के पचास नतीजे: गोरखपुर से लखनऊ बस का समय। पैमाना ‘बिलकुल पूरा नहीं करता’ से ‘पूरी तरह पूरा करता है’ तक चलता है।
कमज़ोर तरीका सरकारी जैसे दिखने वाले पन्नों को ‘काफ़ी हद तक’ और पतले पन्नों को ‘थोड़ा-सा’ लिख देता है। ‘पूरी तरह’ केवल सरकारी साइट के लिए बचाकर रखता है। पचास में एक बार भी सबसे निचला दर्जा नहीं लगाता।
बेहतर तरीका अंक देने से पहले ऊपर के दो लंगर लिखता है। ‘पूरी तरह’: उसी रास्ते का आज का समय, खुले हुए पन्ने पर ही। ‘काफ़ी हद तक’: उसी रास्ते का समय, पर किसी और दिन का या नीचे कहीं दबा हुआ। फिर पचास को अंक देता है, और चार सबसे निचले दर्जे पर गिरते हैं। उन चारों पर वह रास्ता है ही नहीं।
बेहतर तरीका क्यों काम करता है पहले वाले ने इस हिसाब से छाँटा कि पन्ना कितना सरकारी दिखता है। दूसरा हर अंक के लिए वह पंक्ति दिखा सकता है जिससे वह अंक बना।
बदली हुई स्थिति आज़माएँ दूध समिति हर सुबह का दूध बढ़िया, ठीक या घटिया में बाँटती है, और दाम इसी दर्जे से देती है। पहले क्या तय करेंगे?
अब खुद बनाकर देखें कोई एक सवाल लें जिसे आपके कस्बे के लोग सचमुच खोजते हैं। उसके लिए पाँचों लंगर लिखें — ‘बिलकुल पूरा नहीं करता’ से ‘पूरी तरह पूरा करता है’ तक। फिर तीन असली नतीजों को अंक दें और हर एक के लिए वह लंगर बताएँ जो उसने पूरा किया।
AI ट्रेनर की बुनियाद: 9 में से पाठ 6 आगे गोल्ड सवाल, और कतार क्यों रुकती है भाग 2 के आख़िर में आपके काम का नमूना बनता है, जिसे आप भेज सकते हैं
मूल या आधिकारिक स्रोत पढ़ें: Google Search Central, Search Quality Rater Guidelines